स्वास्थ्य समाधान नीति :स्वास्थ्य व्यवस्था की परिकल्पना
“स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को समय पर उचित उपचार, योग्य चिकित्सक, आवश्यक दवाएँ और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो सकें।”
स्वास्थ्य समाधान नीति: सुलभ, पारदर्शी और तकनीक आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था की परिकल्पना
“स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को समय पर उचित उपचार, योग्य चिकित्सक, आवश्यक दवाएँ और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो सकें।”
प्रस्तावना
भारत जैसे विशाल और जनसंख्या वाले देश में स्वास्थ्य सेवाएँ प्रत्येक नागरिक की मूलभूत आवश्यकता हैं। देश में सरकारी और निजी क्षेत्र के माध्यम से बड़ी संख्या में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, औषधि केंद्र और अन्य स्वास्थ्य संस्थाएँ संचालित हैं। इसके बावजूद देश की बढ़ती जनसंख्या और विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने अनेक गंभीर चुनौतियाँ हैं।
उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 के आसपास भारत में लगभग 460 मेडिकल कॉलेज थे। वर्ष 2013 के आँकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में लगभग 4,419 अस्पताल और करीब 4,32,526 बिस्तर उपलब्ध थे। आयुष व्यवस्था के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में औषधालय, स्वास्थ्य केंद्र, उप-केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए थे।
प्रस्तुत सामग्री के अनुसार, देश में निजी अस्पतालों की संख्या भी बहुत अधिक है और पंजीकृत एलोपैथिक चिकित्सकों का बड़ा हिस्सा निजी क्षेत्र में कार्यरत है।
इन संस्थाओं और संसाधनों की बड़ी संख्या के बावजूद प्रश्न यह है कि क्या प्रत्येक नागरिक को समय पर, उचित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल पा रही है?
हमारी परिकल्पना में समस्या केवल अस्पतालों या चिकित्सकों की संख्या की नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के समुचित प्रबंधन, पारदर्शिता, निगरानी और एकीकृत व्यवस्था की भी है।
इसी सोच के आधार पर “स्वास्थ्य मामलों का समाधान नीति” की परिकल्पना प्रस्तुत की गई है।
वर्तमान स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रमुख चुनौतियाँ
आज देश में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अनेक योजनाएँ और सुविधाएँ संचालित हैं। विभिन्न सरकारें समय-समय पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की घोषणाएँ और योजनाएँ प्रस्तुत करती रही हैं।
फिर भी सामान्य नागरिक को कई स्तरों पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इनमें प्रमुख समस्याएँ हैं—
अस्पतालों में पर्याप्त बिस्तरों की उपलब्धता का अभाव
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में कमी
निजी अस्पतालों में उपचार की अधिक लागत
दवाओं की कीमतों में असमानता
फर्जी चिकित्सकों की समस्या
अनावश्यक जाँच और दवाओं की शिकायतें
स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की कमी
मरीज के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का व्यवस्थित न होना
अस्पतालों और दवा विक्रेताओं की निगरानी में कठिनाई
स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के समाधान की कमजोर व्यवस्था
इन समस्याओं का समाधान केवल नए अस्पताल बनाने से नहीं होगा। इसके लिए मरीज, चिकित्सक, चिकित्सालय और दवा विक्रेता—चारों को एक ही पारदर्शी स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली से जोड़ना आवश्यक है।
स्वास्थ्य समाधान नीति का मूल विचार
प्रस्तावित स्वास्थ्य समाधान नीति में एक ऐसी एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जिसके अंतर्गत सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों को एक साझा व्यवस्था के अधीन लाया जा सके।
इस व्यवस्था में प्रमुख रूप से—
मरीज + चिकित्सक + चिकित्सालय + दवा विक्रेता
को एक ही डिजिटल प्रणाली से जोड़ने का प्रस्ताव है।
इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार जनसंख्या की आवश्यकता के अनुसार किया जाना आवश्यक है।
प्रस्तावित नीति में जनसंख्या के आधार पर स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार की परिकल्पना की गई है।
इसके अंतर्गत—
प्रत्येक मंडल में मेडिकल कॉलेज
प्रत्येक तीन मंडलों के बीच एक स्नातकोत्तर चिकित्सा संस्थान
प्रत्येक प्रदेश स्तर पर एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान जैसी उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्था
विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
जहाँ जनसंख्या अधिक हो, वहाँ आवश्यकता के अनुसार इन संस्थानों की संख्या बढ़ाने का भी प्रस्ताव है।
इसका उद्देश्य यह है कि किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीज को उपचार के लिए बहुत दूर न जाना पड़े।
मेडिकल कॉलेजों में गहन चिकित्सा सुविधा
प्रस्तावित नीति में प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में कम से कम 100 गहन चिकित्सा इकाई बिस्तरों की व्यवस्था विकसित करने का विचार है।
इसके साथ सामान्य वार्डों को भी आवश्यकतानुसार अर्ध-गहन चिकित्सा सुविधा से जोड़ने की परिकल्पना की गई है।
इससे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है।
ऑनलाइन बिस्तर प्रबंधन प्रणाली
किसी अस्पताल में बिस्तर उपलब्ध है या नहीं, यह जानकारी मरीज के परिजनों के लिए कई बार बड़ी समस्या बन जाती है।
इसी समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित व्यवस्था में ऑनलाइन बिस्तर प्रबंधन प्रणाली विकसित करने का विचार है।
इस प्रणाली के माध्यम से कोई व्यक्ति किसी मेडिकल कॉलेज या अस्पताल में उपलब्ध बिस्तरों की स्थिति ऑनलाइन देख सकेगा।
इससे मरीज को अस्पताल पहुँचने से पहले उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी और उपचार की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
एम्बुलेंस सेवा का विस्तार
आपातकालीन स्थिति में समय पर अस्पताल पहुँचना जीवन बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकता है।
प्रस्तावित स्वास्थ्य समाधान नीति में सामुदायिक और जिला स्तर से मेडिकल कॉलेज तथा उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों तक एम्बुलेंस सेवा का विस्तार करने की परिकल्पना है।
आर्थिक रूप से कमजोर और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों के लिए निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
चिकित्सालय प्रबंधन में सुधार
देश में संचालित सभी छोटे-बड़े स्वास्थ्य संस्थानों को एकीकृत डिजिटल प्रबंधन प्रणाली के अधीन लाने की परिकल्पना की गई है।
इसमें शामिल होंगे—
सरकारी अस्पताल
निजी अस्पताल
चिकित्सा संस्थान
चिकित्सकीय ट्रस्ट
अन्य मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्र
प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान का डिजिटल पंजीकरण और मान्यता प्रक्रिया विकसित की जाएगी।
अस्पतालों की मान्यता की पारदर्शी व्यवस्था
निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित मानकों के आधार पर डिजिटल माध्यम से मान्यता देने की परिकल्पना की गई है।
अस्पताल के भवन, चिकित्सकीय सुविधाओं, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, उपकरणों, बिस्तरों, आपातकालीन सेवाओं और अन्य आवश्यक मानकों की जानकारी डिजिटल प्रणाली में दर्ज की जा सकती है।
यदि कोई संस्थान निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसकी मान्यता के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों को अधिक जवाबदेह बनाना है।
अस्पतालों की फीस और सेवाओं पर नियंत्रण
प्रस्तावित प्रणाली में निजी चिकित्सालयों द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के शुल्क और दवाओं से संबंधित मूल्य व्यवस्था को निर्धारित मानकों से जोड़ने की परिकल्पना की गई है।
इससे मरीजों से मनमाने शुल्क लेने की संभावना को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।
उद्देश्य यह है कि मरीज को उपचार शुरू करने से पहले सेवा की लागत और संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो।
चिकित्सक प्रबंधन प्रणाली
प्रस्तावित स्वास्थ्य व्यवस्था में देश के पंजीकृत चिकित्सकों को एक केंद्रीय डिजिटल प्रणाली में शामिल करने की परिकल्पना की गई है।
प्रत्येक चिकित्सक के लिए एक डिजिटल प्रोफाइल होगी, जिसमें उसकी—
शैक्षिक योग्यता
विशेषज्ञता
पंजीकरण
कार्यक्षेत्र
परामर्श संबंधी जानकारी
दर्ज की जा सकती है।
इससे मरीज को चिकित्सक की योग्यता और विशेषज्ञता की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
चिकित्सकीय परामर्श का डिजिटल रिकॉर्ड
प्रस्तावित प्रणाली में चिकित्सक द्वारा मरीज को दिए गए परामर्श, जाँच और दवाओं का डिजिटल रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था की गई है।
चिकित्सक अपने डिजिटल पैनल के माध्यम से मरीज के लिए—
दवाएँ
आवश्यक जाँच
उपचार संबंधी निर्देश
परामर्श
दर्ज कर सकेगा।
इससे मरीज के उपचार का रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर दूसरे चिकित्सक को भी पूर्व उपचार की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
फर्जी चिकित्सकों पर रोक
स्वास्थ्य क्षेत्र में मरीज के लिए सबसे बड़ा जोखिम अयोग्य या फर्जी चिकित्सक से उपचार प्राप्त करना हो सकता है।
यदि प्रत्येक चिकित्सक की योग्यता और पंजीकरण का डिजिटल सत्यापन उपलब्ध हो, तो मरीज के लिए यह जानना आसान होगा कि वह किस चिकित्सक से उपचार ले रहा है।
प्रस्तावित प्रणाली का उद्देश्य फर्जी चिकित्सकीय पहचान और अनधिकृत चिकित्सा सेवाओं पर नियंत्रण स्थापित करने में सहायता करना है।
दवा प्रबंधन प्रणाली
दवाओं के निर्माण से लेकर मरीज तक पहुँचने की पूरी प्रक्रिया को एकीकृत डिजिटल प्रणाली से जोड़ने की परिकल्पना की गई है।
इसमें—
दवा निर्माता → वितरक → दवा विक्रेता → चिकित्सक → मरीज
के बीच दवा संबंधी जानकारी को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने का प्रस्ताव है।
दवा निर्माताओं का डिजिटल पंजीकरण
दवा निर्माण करने वाली संस्थाओं और नए दवा निर्माताओं के पंजीकरण तथा आवश्यक प्रमाणन को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की परिकल्पना की गई है।
दवा की गुणवत्ता, निर्माण मानकों और निर्धारित आवश्यकताओं के आधार पर संबंधित संस्थाओं का मूल्यांकन किया जा सकता है।
दवाओं के मूल्य पर नियंत्रण
दवाओं की कीमत मरीज के उपचार की लागत को सीधे प्रभावित करती है।
प्रस्तावित व्यवस्था में दवा निर्माताओं और संबंधित नियामक संस्थाओं के बीच समीक्षा एवं मूल्यांकन के आधार पर दवाओं के मूल्य निर्धारण की पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने का विचार है।
इसका उद्देश्य दवा कंपनियों द्वारा मनमाने मूल्य निर्धारण की संभावना को नियंत्रित करना है।
दवा विक्रेताओं का डिजिटल प्रबंधन
प्रस्तावित प्रणाली में सभी दवा एजेंसियों और दवा विक्रेताओं को एक केंद्रीय डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की परिकल्पना है।
दवा विक्रेता मरीज की पेशेंट आईडी की पुष्टि के आधार पर दवा बिक्री का रिकॉर्ड दर्ज कर सकेगा।
इससे यह जानकारी उपलब्ध हो सकती है कि किस मरीज को कौन-सी दवा, किस दवा केंद्र से और किस मूल्य पर दी गई।
दवा केंद्र खोलने की सरल प्रक्रिया
प्रस्तावित नीति में दवा विक्रय केंद्र खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सरल व्यवस्था विकसित करने का विचार है।
जो व्यक्ति निर्धारित योग्यता और आवश्यक मानकों को पूरा करता हो, वह ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा।
इसके अतिरिक्त, प्रस्ताव में ऐसे लोगों के लिए भी एक परीक्षा आधारित अवसर की परिकल्पना है, जिन्हें लंबे समय से दवा क्षेत्र का व्यावहारिक ज्ञान है और जो निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दवा विक्रय केंद्र के लिए पात्र हो सकें।
इसका उद्देश्य दूरदराज क्षेत्रों में भी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है।
मरीज प्रबंधन प्रणाली
स्वास्थ्य समाधान नीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मरीज प्रबंधन प्रणाली है।
प्रस्तावित व्यवस्था में प्रत्येक मरीज के लिए एक विशिष्ट पेशेंट आईडी की परिकल्पना की गई है।
मरीज भारतीय पहचान की पुष्टि के आधार पर किसी अस्पताल, चिकित्सालय या अधिकृत दवा केंद्र से अपनी पेशेंट आईडी प्राप्त कर सकेगा अथवा निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से स्वयं बना सकेगा।
एक पेशेंट आईडी से पूरा उपचार रिकॉर्ड
पेशेंट आईडी के माध्यम से मरीज के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को एकीकृत करने की परिकल्पना है।
इसमें—
चिकित्सक का नाम
चिकित्सकीय परामर्श
जाँच
जाँच रिपोर्ट
दवाएँ
दवा विक्रेता
उपचार का विवरण
अस्पताल या चिकित्सालय
जैसी जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध हो सकती है।
इससे मरीज को हर बार अपने पुराने कागजात और जाँच रिपोर्ट लेकर घूमने की आवश्यकता कम हो सकती है।
मरीज के उपचार की निरंतरता
मान लीजिए कोई व्यक्ति एक शहर में उपचार करा रहा है और बाद में किसी दूसरे शहर में चला जाता है।
यदि उसकी स्वास्थ्य जानकारी पेशेंट आईडी से सुरक्षित रूप से उपलब्ध है, तो अधिकृत चिकित्सक मरीज की पूर्व चिकित्सा जानकारी देखकर आगे का उपचार अधिक व्यवस्थित रूप से कर सकता है।
इससे उपचार की निरंतरता बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श
प्रस्तावित प्रणाली में मरीज को देश के किसी भी योग्य चिकित्सक से ऑनलाइन परामर्श लेने की सुविधा उपलब्ध कराने की परिकल्पना है।
मरीज निर्धारित परामर्श शुल्क का भुगतान करके चिकित्सक से डिजिटल माध्यम से संपर्क कर सकेगा।
इससे दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुँचने में सहायता मिल सकती है।
दवा और चिकित्सकीय परामर्श में पारदर्शिता
स्वास्थ्य क्षेत्र में मरीज की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि उसे वास्तव में कौन-सी दवा दी जा रही है और उसका वास्तविक मूल्य क्या है।
प्रस्तावित डिजिटल प्रणाली में चिकित्सकीय परामर्श और दवा बिक्री को मरीज की पेशेंट आईडी से जोड़ने का विचार है।
इससे उपचार की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाई जा सकती है।
अनावश्यक दवा और उपचार पर नियंत्रण
प्रस्तावित नीति में चिकित्सकीय परामर्श को निर्धारित औषधीय सूत्र और मानकों से जोड़ने की परिकल्पना की गई है।
इसका उद्देश्य दवा के अनावश्यक उपयोग, नकली दवाओं और स्थानीय स्तर पर होने वाली अनियमितताओं पर नियंत्रण स्थापित करने में सहायता करना है।
हालाँकि किसी भी उपचार में चिकित्सक की स्वतंत्र चिकित्सकीय विशेषज्ञता और मरीज की व्यक्तिगत स्थिति को उचित महत्व देना आवश्यक होगा।
मरीज को शिकायत का अधिकार
स्वास्थ्य व्यवस्था को जवाबदेह बनाने के लिए मरीज को शिकायत का स्पष्ट अधिकार होना चाहिए।
प्रस्तावित स्वास्थ्य समाधान नीति में एक टोल-फ्री स्वास्थ्य शिकायत सेवा स्थापित करने की परिकल्पना है।
मरीज इस माध्यम से—
चिकित्सक
अस्पताल
चिकित्सालय
दवा
दवा विक्रेता
शुल्क
उपचार संबंधी अनियमितता
के बारे में शिकायत दर्ज कर सकेगा।
शिकायत की स्थिति को भी डिजिटल माध्यम से देखने की व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
स्वास्थ्य बीमा और सरकारी सहायता
आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए बीमारी का उपचार एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन सकता है।
प्रस्तावित प्रणाली में मरीज की भारतीय पहचान संख्या के आधार पर उसे उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी सरकारी सहायता और बीमा लाभ की पहचान एवं सत्यापन को त्वरित बनाने की परिकल्पना की गई है।
इससे पात्र व्यक्ति को उपलब्ध योजना का लाभ समय पर देने में सहायता मिल सकती है।
एकीकृत स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रमुख स्तंभ
स्वास्थ्य समाधान नीति को निम्नलिखित प्रमुख स्तंभों पर विकसित करने की परिकल्पना की गई है—
1. मरीज प्रबंधन
प्रत्येक मरीज के लिए सुरक्षित पेशेंट आईडी और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड।
2. चिकित्सक प्रबंधन
पंजीकृत चिकित्सकों का डिजिटल पंजीकरण और प्रोफाइल प्रबंधन।
3. चिकित्सालय प्रबंधन
सरकारी और निजी अस्पतालों का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन।
4. दवा प्रबंधन
दवा निर्माण, वितरण और बिक्री की डिजिटल निगरानी।
5. बिस्तर प्रबंधन
अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की ऑनलाइन जानकारी।
6. एम्बुलेंस प्रबंधन
आपातकालीन परिवहन व्यवस्था का विस्तार और डिजिटल समन्वय।
7. ऑनलाइन परामर्श
दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों तक डिजिटल पहुँच।
8. शिकायत व्यवस्था
स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित शिकायतों के लिए टोल-फ्री और डिजिटल प्रणाली।
9. स्वास्थ्य बीमा
पात्र मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सहायता और बीमा लाभ की त्वरित पहचान।
10. पारदर्शी स्वास्थ्य व्यवस्था
मरीज, चिकित्सक, अस्पताल और दवा विक्रेता के बीच जवाबदेह डिजिटल व्यवस्था।
हमारा लक्ष्य
स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल में उपचार प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
एक प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था में—
मरीज की पहचान स्पष्ट हो,
उसका स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित हो,
योग्य चिकित्सक तक उसकी पहुँच हो,
अस्पताल में बिस्तर की जानकारी उपलब्ध हो,
आवश्यक दवा उचित मूल्य पर मिले,
एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध हो,
सरकारी सहायता सही व्यक्ति तक पहुँचे,
और मरीज को किसी भी अनियमितता के विरुद्ध शिकायत करने का अधिकार हो।
इसी दिशा में स्वास्थ्य समाधान नीति एक एकीकृत, पारदर्शी और तकनीक आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था की परिकल्पना प्रस्तुत करती है।
स्वस्थ नागरिक, मजबूत राष्ट्र
किसी भी देश की वास्तविक शक्ति केवल उसकी आर्थिक या सैन्य क्षमता से निर्धारित नहीं होती। देश की शक्ति उसके स्वस्थ, शिक्षित, कुशल और आत्मनिर्भर नागरिकों से बनती है।
इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था को चुनावी घोषणाओं और अलग-अलग योजनाओं तक सीमित रखने के बजाय उसे दीर्घकालिक, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था के रूप में विकसित करना आवश्यक है।
हमारी परिकल्पना है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए मरीज, चिकित्सक, चिकित्सालय और दवा व्यवस्था को एक साझा मंच से जोड़ा जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़े और आम नागरिक को बेहतर उपचार प्राप्त करने में सहायता मिले।
हमारा संकल्प
“हर नागरिक को समय पर स्वास्थ्य सेवा, योग्य चिकित्सक, आवश्यक दवा और सम्मानजनक उपचार—यही स्वस्थ भारत की आधारशिला है।”
स्वास्थ्य समाधान नीति
सुलभ स्वास्थ्य • पारदर्शी व्यवस्था • सुरक्षित उपचार • स्वस्थ नागरिक • मजबूत भारत
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