डिजिटल चुनावी तकनीक एवं पारदर्शी मत प्रणाली
डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत की चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं फर्जी वोटिंग से मुक्त बनाने हेतु बीएमपी की दूरदर्शी नीति।
एक ऐसी आधुनिक चुनाव व्यवस्था का प्रस्ताव, जिसमें मतदाता सत्यापन, मतदान और मतगणना को डिजिटल तकनीक के माध्यम से अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
प्रस्तावना
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सरलता से प्राप्त हो और चुनाव प्रक्रिया में मतदाता की पहचान, मतदान तथा मतगणना की व्यवस्था विश्वसनीय और पारदर्शी हो।
वर्तमान चुनाव व्यवस्था में मतदाता पहचान, मतदाता सूची के प्रबंधन, मतदान केंद्र तक पहुँच, सत्यापन तथा मतगणना जैसी अनेक प्रक्रियाएँ शामिल हैं। इन प्रक्रियाओं में तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों को देखते हुए एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था की आवश्यकता महसूस होती है, जो मतदाता सत्यापन से लेकर मतदान और परिणाम तक की प्रक्रिया को एकीकृत कर सके।
भारत महापरिवार पार्टी द्वारा प्रस्तुत “डिजिटल चुनाव” का प्रस्ताव इसी दिशा में एक वैकल्पिक तकनीकी समाधान की परिकल्पना करता है।
इस प्रस्ताव का मूल उद्देश्य है—मतदाता की डिजिटल पहचान का सत्यापन, सुरक्षित मतदान, तेज मतगणना और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता।
वर्तमान मतदाता पहचान व्यवस्था की प्रमुख चुनौतियाँ
प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में कई ऐसी समस्याएँ हैं जिन पर तकनीकी समाधान विकसित किया जा सकता है। इनमें फर्जी या डुप्लीकेट मतदाता पहचान, नाम और पते की गलत प्रविष्टि, मतदाता सूची में नाम न होना, स्थान परिवर्तन के बाद रिकॉर्ड अपडेट की कठिनाई तथा मतदाता सूची के प्रबंधन जैसी समस्याएँ शामिल हैं।
इसी प्रकार डिजिटल पहचान और इलेक्ट्रॉनिक वोटर पहचान पत्र के संदर्भ में सत्यापन, डेटा सुरक्षा तथा ग्रामीण एवं अशिक्षित नागरिकों में जागरूकता जैसी चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है।
इस प्रस्ताव का मानना है कि केवल एक पहचान कार्ड पर निर्भर रहने के बजाय मतदाता की पहचान को सुरक्षित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से सत्यापित किया जाना चाहिए।
प्रस्तावित समाधान: वोटर आईडी के स्थान पर विशिष्ट वोटर नंबर
डिजिटल चुनाव व्यवस्था में प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए एक विशिष्ट वोटर नंबर की परिकल्पना की गई है।
इस व्यवस्था में भौतिक वोटर कार्ड पर निर्भरता कम करते हुए मतदाता की पहचान को सुरक्षित डिजिटल डेटा के रूप में रखा जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार पात्र नागरिक की पहचान और नागरिकता के सत्यापन के आधार पर वोटर नंबर सक्रिय किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य है कि:
एक मतदाता की एक ही डिजिटल पहचान हो।
डुप्लीकेट मतदाता पहचान की संभावना कम की जा सके।
मतदाता के स्थान परिवर्तन की प्रक्रिया सरल हो।
मतदाता की पहचान मतदान के समय डिजिटल रूप से सत्यापित की जा सके।
मतदाता सूची के रखरखाव में होने वाली जटिलताओं को कम किया जा सके।
भारतीय पहचान संख्या और वोटर नंबर प्रमाणीकरण
प्रस्ताव में एक भारतीय पहचान संख्या को मास्टर आइडेंटिटी के रूप में उपयोग करने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से नागरिकता संबंधी अभिलेखों के सत्यापन के आधार पर डिजिटल पहचान तैयार करने और उसे सुरक्षित एप्लिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराने का विचार प्रस्तुत किया गया है।
इस व्यवस्था में बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद नागरिक द्वारा ऐप के माध्यम से आवेदन करके वोटर नंबर प्राप्त करने की परिकल्पना की गई है।
Verify Voting App: मतदाता सत्यापन का डिजिटल माध्यम
प्रस्तावित व्यवस्था में Verify Voting App (VVA) को मतदाता सत्यापन, मतदान और मतगणना प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
मतदान के बाद मतदाता के मोबाइल पर मतदान सफल होने का संदेश और एक कोड भेजने की परिकल्पना की गई है। प्रस्ताव के अनुसार मतदान की गोपनीयता बनाए रखते हुए चुनाव अधिकारी को यह जानकारी नहीं होगी कि मतदाता ने किस उम्मीदवार को वोट दिया है, जब तक मतदाता स्वयं इसकी पुष्टि न करे।
इसका उद्देश्य डिजिटल सुविधा के साथ-साथ मतदान की गोपनीयता को बनाए रखना है।
Live Voting Machine (LVM)
प्रस्तावित Live Voting Machine (LVM) को वर्तमान EVM पैनल के एक आधुनिक डिजिटल विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
यह एक टैबलेट जैसे पैनल के रूप में कार्य करेगी और मतदाता की पहचान सत्यापित करने के बाद उसके निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवारों की सूची प्रदर्शित करेगी।
मतदाता सत्यापन के बाद अपने पसंदीदा उम्मीदवार के सामने दिए गए विकल्प का चयन करके मतदान कर सकेगा।
इस प्रणाली की विशेषता के रूप में इसे पोर्टेबल और अपेक्षाकृत कम संसाधनों में स्थापित किए जा सकने वाले उपकरण के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
Voter Verification Machine (VVM)
Voter Verification Machine (VVM) का उद्देश्य मतदान से पहले मतदाता की पहचान का डिजिटल सत्यापन करना है।
प्रस्ताव में VVM के माध्यम से तीन प्रकार के बायोमेट्रिक सत्यापन की परिकल्पना की गई है:
Face Reading
Finger Scanner
Retina Reading
सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवारों और उनके चुनाव चिह्नों की सूची LVM स्क्रीन पर प्रदर्शित होने की परिकल्पना है।
इस प्रकार मतदाता की पहचान और मतदान की प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सकता है।
लाइव मतगणना और तत्काल परिणाम
डिजिटल चुनाव प्रणाली का एक प्रमुख प्रस्तावित हिस्सा लाइव मतगणना है।
इस व्यवस्था में मतदान समाप्त होने के बाद अलग से लंबी मतगणना प्रक्रिया पर निर्भरता कम करने की परिकल्पना की गई है। प्रस्ताव के अनुसार मतों की गणना बूथ स्तर से जिला, राज्य और केंद्रीय स्तर तक डिजिटल स्क्रीन पर देखी जा सकती है तथा रिकॉर्ड स्वतः तैयार किया जा सकता है।
इससे चुनाव परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया को तेज और डिजिटल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
डिजिटल चुनाव व्यवस्था के संभावित लाभ
प्रस्ताव के अनुसार डिजिटल चुनाव प्रणाली से चुनाव संचालन में कई प्रकार की लागत और संसाधनों को कम करने की संभावना हो सकती है।
1. चुनाव कर्मचारियों की आवश्यकता में कमी
कम कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के माध्यम से चुनाव संचालन करने की संभावना से प्रशासनिक खर्च कम किया जा सकता है।
2. परिवहन और लॉजिस्टिक्स खर्च में कमी
EVM, VVPAT, मतपत्र और चुनावी दस्तावेजों को विभिन्न स्थानों तक पहुँचाने तथा वापस लाने की आवश्यकता कम होने से लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने की परिकल्पना की गई है।
3. डिजिटल डेटा प्रबंधन
मतदाता सत्यापन, मतदान रिकॉर्ड और परिणाम प्रबंधन को डिजिटल प्रणाली से जोड़कर चुनाव प्रक्रिया के डेटा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य है।
4. प्रशासनिक खर्च में कमी
प्रशिक्षण, मतगणना केंद्र, तकनीकी व्यवस्था, सुरक्षा, निगरानी और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं में संभावित बचत की परिकल्पना की गई है।
5. कागजी प्रक्रिया में कमी
मतदाता सूची, चुनावी प्रपत्र, दस्तावेज, निर्देश और परिणाम संबंधी मुद्रण में कमी लाने की संभावना है।
6. मतदान सामग्री की लागत में कमी
प्रस्ताव में अमिट स्याही, VVPAT स्लिप रोल और मतदाता सूची में इस्तेमाल होने वाले कागज जैसे संसाधनों पर होने वाले खर्च को कम करने की संभावना बताई गई है।
7. अधिक लोगों को मतदान की सुविधा
प्रस्ताव के अनुसार यदि मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर रहते हुए भी सुरक्षित डिजिटल सत्यापन के बाद अपने क्षेत्र के उम्मीदवार को मतदान कर सकें, तो मतदान में भागीदारी बढ़ाने की संभावना हो सकती है।
डिजिटल चुनाव का व्यापक उद्देश्य
इस प्रस्ताव का लक्ष्य केवल मतदान मशीन को बदलना नहीं है, बल्कि मतदाता पहचान → मतदाता सत्यापन → मतदान → मतगणना → परिणाम की पूरी प्रक्रिया को एक डिजिटल प्रणाली में एकीकृत करना है।
एक ऐसी व्यवस्था की कल्पना की गई है जिसमें:
एक नागरिक → एक सत्यापित वोटर नंबर → डिजिटल सत्यापन → सुरक्षित मतदान → लाइव मतगणना → तेज परिणाम
जैसी एकीकृत प्रक्रिया विकसित की जा सके।
हमारा संकल्प
भारत महापरिवार पार्टी के अनुसार यह समाधान वर्ष 2010 से किए गए शोध पर आधारित है और इसके कुछ हिस्से वर्ष 2018 से पार्टी की वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाते रहे हैं। प्रस्ताव का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सरल बनाने, समय और संसाधनों की बचत करने तथा मतदान और मतगणना को अधिक तकनीकी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक वैकल्पिक मॉडल प्रस्तुत करना है।
डिजिटल चुनाव केवल तकनीक का विषय नहीं है; यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक सुलभ, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की एक परिकल्पना है।
हमारा संकल्प है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करके ऐसी चुनाव व्यवस्था पर विचार किया जाए, जिसमें प्रत्येक पात्र नागरिक की पहचान का विश्वसनीय सत्यापन हो, मतदान प्रक्रिया सरल हो और चुनाव परिणाम अधिक तेजी से प्राप्त किए जा सकें।
प्रस्तावक
अम्बरीश देव गुप्ता
भारत महापरिवार पार्टी
संपर्क: 9335222275, 8081222255
नोट: यह लेख भारत महापरिवार पार्टी द्वारा प्रस्तुत डिजिटल चुनाव संबंधी प्रस्ताव और विचारों पर आधारित है। इसमें वर्णित LVM, VVM, Verify Voting App तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाएँ प्रस्तावित अवधारणाएँ हैं; इनके वास्तविक राष्ट्रीय स्तर पर कार्यान्वयन के लिए तकनीकी परीक्षण, स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट, कानूनी/संवैधानिक समीक्षा और सक्षम निर्वाचन प्राधिकरणों की स्वीकृति आवश्यक होगी।
टिप्पणियां एवं विचार (0)
अपनी टिप्पणी दर्ज करें
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है। पहली टिप्पणी करें!